बीकानेर, । हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की विलादत-ए-बासआदत के मुबारक अवसर पर जमीअत उलमा-ए-हिन्द, शाखा बीकानेर की जानिब से आयोजित 18वाँ रक्तदान शिविर आज स्वर्णकार पंचायत भवन, सुनारों की बड़ी गुवाड़, पुरानी जेल रोड, बीकानेर में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक चले इस ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ के कार्यक्रम में शहर के नौजवानों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और आम अवाम ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिविर में कुल 416 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर इंसानियत, भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारी की बेहतरीन मिसाल कायम की। शिविर के दौरान रक्तदाताओं के लिए तमाम जरूरी मेडिकल इंतज़ामात एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे कार्यक्रम सुचारू और व्यवस्थित रूप से सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर शहर की विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और दीनी हस्तियों ने शिविर में शिरकत कर रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाया। इनमें पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉक्टर बी.डी. कल्ला, गोविन्दराम मेघवाल, भंवर सिंह भाटी, डॉक्टर अबरार पंवार, मदनगोपाल सिंह, हाजी हारून राठौड़, हाजी अब्दुल मजीद खोखर, पूर्व यूआईटी चेयरमैन हाजी मकसूद, पार्षद आज़म अली कायमखानी, यशपाल गहलोत, रमज़ान कच्छवा,जाकिर नागौरी, महबूब रंगरेज़, अब्दुल वाहिद, मनोज जनागल, ताहिर क़ादरी,नासिर तँवर, डॉक्टर आरिफ, डॉक्टर आसिफ,हसन अली गौरी, सैय्यद महमूद ,अब्दुल कदीर गौरी, सिकन्दर राठौड़, मौलाना ताज मोहम्मद, मुफ्ती सद्दाम हुसैन, क़ारी शाहिद, हाफिज अ.सलाम,हाफिज अ.रहमान, मुफ्ती साबिर आदि मेहमान शामिल रहे।
जमीअत उलमा-ए-हिन्द शाखा बीकानेर के महासचिव मौलाना मोहम्मद इरशाद क़ासमी ने बताया कि रक्तदान शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना तथा समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, अतिथियों, चिकित्साकर्मियों, सहयोगियों एवं कार्यकर्ताओं का दिल की गहराइयों से शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि ऐसे नेक और मानवीय कार्य समाज में मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत को फरोग देते हैं।
उन्होंने कहा कि रबीउल अव्वल के इस मुबारक अवसर पर रक्तदान के माध्यम से ख़िदमते-ख़ल्क़ और इंसानियत की सेवा का पैग़ाम आम करना इस आयोजन का विशेष उद्देश्य रहा। किसी जरूरतमंद मरीज के लिए रक्त उपलब्ध कराना एक बड़ी मानवीय सेवा है और समाज के हर वर्ग को इस तरह के सेवा कार्यों में आगे बढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
मौके पर मौजूद वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान एक अज़ीम नेक काम है, जो जरूरत के समय किसी की ज़िंदगी बचाने का ज़रिया बन सकता है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सेवा, सहयोग और हमदर्दी की भावना को मजबूत करते हैं।
शिविर को सफल बनाने में सईद नेताजी, सैयद इमरान, हाफिज अजमल, मोहम्मद रियाज, अजहरुद्दीन, इमरान पठान, शहजाद नागौरी, हाफिज शोएब, इरशाद नागौरी, सैयद ताहिर, इरशाद गौरी, सैयद खालिद, इरफान राठौड़, शाकिर गौरी, अनीस गौरी, अब्दुल मन्नान, मोहम्मद एजाज, सोफीन, अब्दुल रऊफ राठौड़, जुनैद राठौड़, हाफिज मुसेब, हाफिज अमान, अबू यूसुफ सहित अनेक कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंत में जमीअत उलमा-ए-हिन्द, शाखा बीकानेर के जिम्मेदारान एवं अराकीन ने सभी मेहमानों, रक्तदाताओं, चिकित्साकर्मियों, सहयोगियों और कार्यकर्ताओं का तहेदिल से शुक्रिया अदा किया तथा भविष्य में भी इसी तरह ख़िदमते-इंसानियत और ख़िदमते-ख़ल्क़ के कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।




















