बीकानेर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर झुंझुनूं जिले में मतदान की तारीख में बदलाव के बाद अब बीकानेर को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। क्या बीकानेर में भी चुनाव की तारीख के आसपास होने वाले मेलों और धार्मिक आयोजनों के चलते राज्य निर्वाचन आयोग मतदान कार्यक्रम में बदलाव करेगा? फिलहाल इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन झुंझुनूं के फैसले के बाद इस संभावना पर चर्चा तेज हो गई है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने झुंझुनूं जिले की सभी 19 शहरी निकायों के चुनाव कार्यक्रम में बदलाव किया है। जिन निकायों में पहले चरण के तहत 9 सितंबर को मतदान होना था, वहां अब दूसरे चरण में 11 सितंबर को वोटिंग होगी। वहीं, जिन निकायों में पहले 11 सितंबर को मतदान प्रस्तावित था, वहां अब 9 सितंबर को मतदान कराया जाएगा।
आयोग ने यह बदलाव 10 और 11 सितंबर को भादवा अमावस्या के अवसर पर होने वाले वार्षिक धार्मिक आयोजनों को देखते हुए किया है। इन आयोजनों में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु झुंझुनूं पहुंचते हैं। धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस जाप्ता भी तैनात किया जाता है।
आयोग के अनुसार झुंझुनूं में मंदिरों के आसपास स्थित कई भवनों में पोलिंग सेंटर बनाए गए हैं। ऐसे में एक तरफ श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ और दूसरी तरफ सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस बल की तैनाती को देखते हुए मतदान कार्यक्रम में बदलाव करना जरूरी माना गया।
बीकानेर में भी चुनाव के आसपास होंगे धार्मिक आयोजन
अब सवाल यह है कि क्या बीकानेर में भी 9 और 11 सितंबर के आसपास होने वाले मेले और धार्मिक आयोजन मतदान की तारीख में बदलाव की वजह बन सकते हैं? बीकानेर जिले में भी इन तारीखों के आसपास विभिन्न धार्मिक आयोजन और मेलों का आयोजन होता है। ऐसे में यदि किसी क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है या पुलिस बल की तैनाती की आवश्यकता पड़ती है और इसका असर मतदान केंद्रों की व्यवस्था पर पड़ता है, तो निर्वाचन आयोग इस पर विचार कर सकता है। स्थानीयशहर की गाइड एक्सप्लोर करना
हालांकि, बीकानेर में मतदान की तारीख बदलने को लेकर अभी राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कोई आदेश या आधिकारिक संकेत जारी नहीं किया गया है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि बीकानेर में भी मतदान की तारीख बदलेगी।
झुंझुनूं में तारीख बदलने का फैसला स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है। ऐसे में बीकानेर के मामले में भी अंतिम निर्णय यहां के मेलों, धार्मिक आयोजनों, सुरक्षा व्यवस्था और मतदान केंद्रों की स्थिति की समीक्षा के बाद ही लिया जा सकता है।
अब नजर राज्य निर्वाचन आयोग के अगले फैसले पर है। अगर बीकानेर में भी चुनाव की तारीख के आसपास बड़े आयोजन और मेलों के कारण प्रशासनिक या सुरक्षा संबंधी परिस्थितियां बनती हैं, तो क्या आयोग यहां भी तारीख बदलने का फैसला करेगा—यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।























