बीकानेर। भीनासर निवासी एक व्यवसायी ने बैंक में लगाए चैक की क्लियरेंस की जानकारी लेने के लिए गूगल से मोबाइल नंबर लिए। नंबर देने वाले ने खुद को बैंक कार्मिक बताया और लिंक भेजा। लिंक खोलते ही साइबर ठगों ने व्यवसायी का मोबाइल अपनी कमांड में ले लिया और दो मिनट में ही उसके खाते से दो लाख रुपए निकाल लिए। भीनासर में ब्राह्मणों का मोहल्ला निवासी व्यवसायी लक्ष्मीनारायण शर्मा ने सात अक्टूबर को बैंक में चैक लगाया था। 9 अक्टूबर को उन्होंने बैंक में संपर्क किया तो पता चला कि चैक क्लियर नहीं हुआ है। चैक क्लियरेंस की जानकारी लेने के लिए उन्होंने गूगल पर जाकर बैंक मैनेजर के नंबर ढूंढ़े। वहां एक मोबाइल नंबर लिखे मिले जिस पर संपर्क किया तो एकबारगी फोन नो-रिप्लाय हो गया। कुछ देर बाद उसका फोन आ गया। उसने खुद को बैंक कार्मिक बताकर व्यवसायी से बात की। उसने चैक क्लियरेंस की जानकारी के लिए व्यवसायी के व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा। व्यवसायी के लिंक खोलते ही उसके मोबाइल की कमांड खुद को बैंक कार्मिक बताने वाले साइबर ठग के हाथ में आ गई। उसके बताए अनुसार व्यवसायी ने चैक क्लियर के लिए शिकायत, अपने बैंक खाता नंबर, यूजरनेम और पासवर्ड डाल दिए।
हालांकि, उसके बाद व्यवसायी को शक हुआ, लेकिन तब तक साइबर ठग ने दो मिनट में ही उसके खाते से दो बार में एक-एक लाख रुपए कर दो लाख रुपए निकाल लिए। खाते से रुपए निकलने का मैसेज आते हैं व्यवसायी को साइबर फ्रॉड का पता चल गया। उसने बैंक ऐप खोलने की कोशिश की जो पहले से लॉगिन होने के कारण उसके मोबाइल पर नहीं खुल पाया। व्यवसायी अपने बैंक पहुंचा और घटनाक्रम बताकर अपना खाता होल्ड करा दिया। उसके बाद साइबर पोर्टल के 1930 नंबर पर शिकायत की। साइबर थाने में जीरो नंबरी एफआईआर दर्ज होकर गंगाशहर थाने पहुंची। गंगाशहर पुलिस थाने के एएसआई ओमप्रकाश को जांच सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि खाते से निकले दो लाख रुपए कहां, किसके खाते में ट्रांसफर हुए, इसका पता लगाया जा रहा है।




















