बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं को लगाए गए ऑक्सीटोसिन की रिपोर्ट आ गई है। यह इंजेक्शन स्टैंडर्ड क्वालिटी के पाए गए हैं। कोटा की तरह इनमें पानी नहीं था। अब कुल 9 दवाओं के सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है और सभी स्टैंडर्ड क्वालिटी के बताए गए हैं। पीबीएम जनाना अस्पताल के सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की किडनी फेल होने की घटनाओं को देखते हुए ड्रग कंट्रोलर विभाग ने प्रसूताओं को डिलीवरी के पहले और बाद में लगाए जाने वाली 32 तरह की दवाओं और इंजेक्शनों के सैंपल लिए थे। इनमें से 8 इंजेक्शनों के सैंपलों की रिपोर्ट सोमवार को आई थी। सभी स्टैंडर्ड पाए गए हैं। मंगलवार को ऑक्सीटोसिन की भी रिपोर्ट स्टैंडर्ड आई है। बैच संख्या एमआर 260105 के यह इंजेक्शन की निर्माता कंपनी मैसिन रेमेडीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है। अभी 23 दवाओं की रिपोर्ट आनी बाकी है।
गौरतलब है कि पीबीएम जनाना अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद छह प्रसूताओं की किडनी खराब हो गई थी, जिनमें से दो की मौत हो गई। दो प्रसूताओं को छुट्टी दे दी गई, जबकि दूसरी इमरती देवी को जोधपुर एम्स में इलाज चल रहा है। इधर, राहत की खबर ये है कि मेडिसिन आईसीयू में भर्ती कमला को मंगलवार को वेंटिलेटर से हटा दिया गया है। उसका इलाज कर रही मेडिकल बोर्ड की टीम को कमला के स्वास्थ्य में सुधार होने की उम्मीद है।



















