बीकानेर, । राजस्थान सरकार ने स्वरोजगार और नए उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी-2025 के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के माध्यम से कारोबार शुरू करने के इच्छुक युवाओं, उद्यमियों और दिव्यांगजनों को ब्याज अनुदान और वित्तीय प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा।
योजना के तहत नए सूक्ष्म उद्योगों को 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इसमें एक करोड़ रुपये तक के ऋण पर 6 प्रतिशत तथा एक से दो करोड़ रुपये तक के ऋण पर 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अनुदान का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजना के तहत दिव्यांगजन 5 लाख रुपये तक का ऋण लेकर अपना स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं। योजना में दिव्यांग उद्यमियों को अतिरिक्त 1 प्रतिशत ब्याज अनुदान भी मिलेगा। इसके अलावा विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए ईएमडी शुल्क में 75 प्रतिशत (अधिकतम 50 हजार रुपये) की छूट तथा एमएसएमई शुल्क की 50 प्रतिशत (अधिकतम 5 लाख रुपये) तक प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है।
इच्छुक आवेदक राजस्थान एसएसओ आईडी के माध्यम से राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजना के तहत पात्र दिव्यांगजन भी आवेदन कर सकेंगे।
योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजन किराना स्टोर, डेयरी, मोबाइल रिपेयरिंग, ब्यूटी पार्लर, रेस्टोरेंट, कृषि उपकरण, टी स्टॉल, बिल्डिंग मैटेरियल तथा जूते-चप्पल निर्माण जैसे विभिन्न व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। योजना के तहत ऋण राशि पर 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रुपये तक का अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य ऋण उपलब्ध कराने के साथ उद्यमिता को बढ़ावा देना और आर्थिक बोझ कम करना है। ब्याज अनुदान, शुल्क प्रतिपूर्ति और अनुदान जैसी सुविधाओं से कारोबार की शुरुआती लागत कम होगी। पात्र आवेदक समय पर आवेदन कर योजना का लाभ उठाकर नया उद्योग या स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं, जिससे रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।


















