बीकानेर। गोल्ड लोन लेकर साइबर ठगी की रकम से चुकाने का मास्टर माइंड राकेश पूनिया है जिसे साइबर थाना पुलिस ने नामजद कर लिया है। गिरफ्तारी के लिए उसके ठिकानों पर दबिश दी गई है। साइबर थाना पुलिस ने पहली बार ऐसे गिरोह का उजागर किया जो गोल्ड लोन लेता है और फिर साइबर ठगी की रकम से उसे चुका देता है। बीकानेर में इस काम को अंजाम देने वाला मास्टर माइंड बज्जू के मिठड़िया गांव का राकेश पूनिया है जो फरार है। पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए उसके ठिकानों पर दबिश दी है। राकेश ने ही अपने गांव के सुनील ज्याणी को गोल्ड लोन दिलाया। बाद में दोनों ने मिलकर गोल्ड लोन लेते, जिसकी राशि उनके बैंक खाते में आ जाती थी। बाद में साइबर ठगी की रकम से मणप्पुरम फायनेंस लिमिटेड के ऑललाइन ऐप के जरिये गोल्ड लोन चुका देते। मास्टर माइंड राकेश ने गांव के कई लोगों को गोल्ड लोन दिलाया और उनके बैंक एकाउंट खुलवाए।
राकेश क्रिप्टो करेंसी और हवाला का काम करता है और ज्यादातर जयपुर में ही रहता है। साइबर पुलिस थाना एसएचओ आरपीएस शालिनी बजाज और इंस्पेक्टर रमेश सर्वटा मामले की छानबीन में जुटे हैं। गोल्ड लोन अकाउंट को मनी लांड्रिंग का जरिया बनाने के इस मामले में साइबर थाना पुलिस ने सुनील ज्याणी को गिरफ्तार किया था जो रिमांड पर है। उससे पूछताछ की जा रही है। साइबर ठगों ने अपने काम को अंजाम देने के लिए गोल्ड लोन अकाउंट की रेट 2 लाख रुपए तय कर रखी है। गोल्ड लोन के लिए अकाउंट खुलवाने वाले शख्स को साइबर ठग 2 लाख रुपए देते हैं। मास्टर माइंड राकेश ने सुनील को भी 2 लाख रुपए दिए थे। साइबर ठग म्यूल अकाउंट के 15 से 25 हजार और करंट अकाउंट के 30 से 50 हजार रुपए का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फांसते हैं।



















