बीकानेर। साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बीकानेर साइबर पुलिस ने वर्ष 2026 के दौरान लगातार कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोहों का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने विभिन्न मामलों में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया है। जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों के बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम जमा करने, कमीशन लेकर राशि निकालने तथा क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से गिरोह तक पहुंचाने का काम करते थे।
पुलिस के अनुसार, अलग-अलग प्रकरणों में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतें दर्ज हैं। एक मामले में आरोपियों के खातों के माध्यम से 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का खुलासा हुआ, जबकि दूसरे मामले में 19 दिनों में ही 2.28 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन सामने आया। आरोपियों द्वारा फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की राशि को ट्रांसफर करने का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
साइबर पुलिस ने रोहित गोदारा गैंग से जुड़े दो सदस्यों को भी गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी ठगी की रकम को हवाला और क्रिप्टो करेंसी के जरिए गिरोह तक पहुंचाते थे, जिससे देशभर में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जाता था। इसके अलावा खाजूवाला, पूगल और जेएनवीसी थाना क्षेत्रों में भी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के लिए बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से मुख्य साइबर ठगों के संपर्क में रहते थे और फर्जी या किराये के बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) का इस्तेमाल कर ठगी की रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर करते थे। इसके बदले वे लगभग 10 प्रतिशत कमीशन लेते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक दस्तावेज सहित अन्य सामग्री भी जब्त की है तथा पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

















