बीकानेर। इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र के प्रथम चरण में किसान आंदोलन तेज हो गया है। आंदोलन के दूसरे चरण में शनिवार से प्रथम चरण के सभी बड़े कस्बों में बंद शुरू कर दिया गया है। बंद के दौरान फिलहाल केवल सब्जी, दूध और मेडिकल की दुकानें खुली रहेंगी। किसानों ने स्पष्ट किया है कि रविवार से इन्हें भी बंद रखा जाएगा। किसान रबी की फसल के लिए आठ बारी पानी देने और प्रथम चरण की नहरों का स्थाई रेगुलेशन करने की मांग कर रहे हैं, जबकि नहर विभाग छह बारी पानी देने के लिए तैयार है। दरअसल, यह आंदोलन इंदिरा गांधी नहर की अनूपगढ़ शाखा से जुड़े किसानों की ओर से किया जा रहा है। इसके चलते श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ से लेकर बीकानेर के खाजूवाला तक किसान आंदोलन शुरू हो गया है। छोटे-बड़े सभी कस्बों को बंद किया जा रहा है। किसान रबी और खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त सिंचाई पानी उपलब्ध कराने के साथ प्रथम चरण की नहरों का स्थाई रेगुलेशन किए जाने की मांग कर रहे हैं।
वर्तमान में नहर विभाग किसानों को छह बारी पानी देने के लिए तैयार है, जबकि किसान आठ बारी पानी की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी मांग को लेकर किसान आंदोलन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें जरूरत के मुकाबले आधा पानी ही मिल रहा है। उनका कहना है कि यदि किसी किसान ने 20 बीघा में बुवाई की है तो उसे केवल 10 बीघा के लिए ही पानी मिल रहा है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। किसानों के अनुसार, अनूपगढ़ शाखा को उसका पूरा हिस्सा नहीं मिलने से रबी की बुवाई प्रभावित हो रही है। हजारों हेक्टेयर में सरसों और गेहूं की बुवाई हो चुकी है, लेकिन अब सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है।




















