बीकानेर नगर निगम चुनाव को लेकर अब चुनावी मैदान की तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी है। 80 वार्डों वाले बीकानेर नगर निगम में नामांकन प्रक्रिया का दौर 31 अगस्त को समाप्त हो गया। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मंगलवार, 1 सितंबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा होगी। ऐसे में आज कई दावेदारों की धड़कनें तेज हैं और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि किस प्रत्याशी का पर्चा सही पाया जाता है और किसका नामांकन किसी कमी के चलते खारिज होता है।
नगर निगम चुनाव के लिए बीकानेर में बड़ी संख्या में दावेदारों ने नामांकन दाखिल किया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल 593 नामांकन सामने आए हैं। हालांकि, अंतिम रूप से चुनावी मैदान में कितने प्रत्याशी रहेंगे, यह नामांकन पत्रों की जांच और उसके बाद होने वाली नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। संवीक्षा के दौरान निर्वाचन अधिकारी प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों और आवश्यक दस्तावेजों की जांच करेंगे। किसी नामांकन में नियमों के अनुरूप कमी पाए जाने पर उसे खारिज किया जा सकता है।
नामांकन पत्रों की जांच के बाद चुनावी राजनीति का अगला महत्वपूर्ण दौर शुरू होगा। 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक प्रत्याशी अपना नामांकन वापस ले सकेंगे। ऐसे में अगले दो दिन राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। टिकट नहीं मिलने से नाराज नेताओं, बागी प्रत्याशियों और निर्दलीय उम्मीदवारों को मनाने के लिए भाजपा और कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की सक्रियता बढ़ सकती है। कई वार्डों में नाम वापसी के बाद चुनावी समीकरण पूरी तरह बदलने की संभावना है।
नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 सितंबर को प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। चुनाव चिह्न मिलते ही नगर निगम चुनाव का प्रचार अभियान और अधिक तेज होने की उम्मीद है। प्रत्याशी घर-घर जनसंपर्क, बैठकों, नुक्कड़ सभाओं और सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचने में पूरी ताकत लगाएंगे। इसके बाद प्रत्येक वार्ड में चुनावी मुकाबले की वास्तविक तस्वीर भी सामने आने लगेगी।
बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों के लिए 11 सितंबर 2026 को मतदान होगा। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक कराया जाएगा। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 9 सितंबर को बीकानेर नगर निगम के चुनाव नहीं होंगे। 9 सितंबर को बीकानेर जिले की खाजूवाला, नोखा, देशनोक, लूणकरणसर, श्रीडूंगरगढ़ और नापासर नगरपालिकाओं में मतदान होगा, जबकि बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में मतदान 11 सितंबर को होगा।
मतदान के बाद 14 सितंबर 2026 को मतगणना होगी और इसी दिन बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में जनता ने किसे अपना पार्षद चुना है, इसका फैसला सामने आएगा। मतगणना के साथ ही यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि नगर निगम की सत्ता की दौड़ में किस राजनीतिक दल को बढ़त मिली है और किन निर्दलीय प्रत्याशियों ने बड़े राजनीतिक दलों के समीकरण बिगाड़े हैं।
बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में आरक्षण की तस्वीर भी पहले ही साफ हो चुकी है। इनमें 9 वार्ड अनुसूचित जाति, 16 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग और 55 वार्ड सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित हैं। महिला आरक्षण के चलते कई वार्डों में महिला प्रत्याशियों की दावेदारी भी चुनावी मुकाबले को खास बना रही है। महापौर पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है, जिसके चलते निगम चुनाव के साथ महापौर की कुर्सी को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 3 सितंबर को नाम वापसी के बाद बीकानेर के 80 वार्डों में आखिर कितने प्रत्याशी चुनावी मैदान में रहेंगे। किस वार्ड में सीधी टक्कर होगी, कहां मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय बनेगा, कहां निर्दलीय प्रत्याशी मजबूत चुनौती पेश करेंगे और कहां बागी उम्मीदवार राजनीतिक दलों का खेल बिगाड़ेंगे, इसकी तस्वीर अगले कुछ दिनों में साफ हो जाएगी।
फिलहाल बीकानेर की चुनावी राजनीति में 1 सितंबर की संवीक्षा, 3 सितंबर की नाम वापसी और 4 सितंबर को चुनाव चिह्न आवंटन पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इसके बाद 11 सितंबर को बीकानेर की जनता अपने 80 पार्षद चुनने के लिए मतदान करेगी और 14 सितंबर को मतगणना के साथ जनता के फैसले का पिटारा खुलेगा। अब हर वार्ड पर नजर है और आने वाले दिन यह तय करेंगे कि बीकानेर नगर निगम की सियासत में किसका पलड़ा भारी रहता है।




















