बीकानेर। राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और फर्जीवाड़े के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप ने शिकंजा कसते हुए दो अलग-अलग भर्तियों में धांधली करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसओजी एडीजी विशाल बंसल के अनुसार यह कार्रवाई आईजी अजय पाल लांबा के निर्देशन, डीआईजी भुवन भूषण यादव के सुपरविजन और एसपी कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में गठित टीमों द्वारा की गई। पकड़े गए आरोपियों में महिला अधिकारिता सुपरवाइजर भर्ती 2018 में ओएमआर शीट में हेरफेर कराने वाली चयनित अभ्यर्थी, पांच लाख रुपये में पेपर खरीदकर ब्लूटूथ से नकल कराने वाला दलाल और तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2022 में फर्जी खेल प्रमाण-पत्र गिरोह का दलाल शामिल हैं। एसओजी अब पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, जिससे गिरोह से जुड़े अन्य दलालों और फर्जी तरीके से चयनित हुए अभ्यर्थियों के नामों का खुलासा होने की संभावना है।
अब तक की जांच में सामने आया कि छह जनवरी 2019 को बीकानेर के श्रीरामसहाय आदर्श सेकेंडरी स्कूल केंद्र से कुख्यात तुलछाराम कालेर गैंग ने पेपर लीक किया था। चूरू जिले के सांडवा थाना क्षेत्र के गांव कातर बड़ी निवासी आरोपी मनीराम सारण ने मास्टरमाइंड तुलछाराम से पांच लाख रुपये में पेपर खरीदा और अपनी भाई की पत्नी को ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए उत्तर हल करवाकर परीक्षा दिलाई। इस पूरे प्रकरण में एसओजी अब तक सात गिरोह सदस्यों और छह महिला अभ्यर्थियों सहित कुल 13 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती (लेवल-1) में खेल कोटे से चयनित होने के लिए अभ्यर्थी बबिता जाखड़ को सात लाख रुपये में फर्जी खेल प्रमाण-पत्र बेचने वाले दलाल ओमप्रकाश कस्वां निवासी सांडवा, चूरू को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार एसओजी के हत्थे चढ़ा मनीराम सारण डूंगर का कॉलेज का पूर्व अध्यक्ष हैं। सिटीगाइड खोजें





















