बीकानेर। शिक्षा विभाग ने प्रदेश के निजी स्कूलों के निरीक्षण की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब निजी स्कूलों का निरीक्षण राजस्थान स्कूल संबल मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से साल में कम से कम एक बार किया जाएगा। इससे पहले जारी आदेशों में स्कूलों का हर महीने नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए थे। निजी स्कूल संचालकों के विरोध और आंदोलन के बाद विभाग ने इन आदेशों में संशोधन किया है। निजी स्कूल संचालकों ने मासिक निरीक्षण के आदेश को व्यवहारिक रूप से कठिन बताते हुए इसका विरोध किया था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने पूर्व आदेश में संशोधन कर नया आदेश जारी किया।
- निदेशक प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा ललित कुमार की ओर से जारी संशोधित आदेश के अनुसार सरकारी और प्राइवेट स्कलों का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। इनमें निशुल्क प्रवेश, मान्यता, सीबीएसई से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र, स्कूल में संचालित पाठ्य सामग्री, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म और बाल वाहिनी संचालन सहित अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विभिन्न विभागीय नियमों और आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सरकारी एवं गैर-सरकारी स्कलों का 31 दिसंबर 2026 तक कम से कम एक बार निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। निरीक्षण की पूरी रिपोर्ट राजस्थान स्कूल संबल मोबाइल एप के माध्यम से दर्ज की जाएगी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2027-28 में आरटीई अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रवेशित बच्चों का भौतिक सत्यापन भी राजस्थान स्कूल संबल एप के माध्यम से किया जाएगा। इससे आरटीई के तहत होने वाले प्रवेश और स्टूडेंट्स की वास्तविक स्थिति की जांच की जा सकेगी।






















