बीकानेर। बीकानेर साइबर पुलिस ने देशभर में साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में शामिल एक कथित संगठित गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने बैंक खातों के साथ-साथ अन्य लोगों के बैंक खाते हासिल कर उनमें साइबर ठगी की रकम का लेनदेन करवाता था। प्रारंभिक जांच में आरोपी से जुड़े खातों के माध्यम से करीब 30 लाख रुपए के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है। वहीं, अलग-अलग राज्यों से इन खातों के संबंध में 17 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज मिली हैं।
राजस्थान पुलिस मुख्यालय की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस महानिरीक्षक बीकानेर रेंज ओमप्रकाश और पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर चक्रवती सिंह राठौड़ के सुपरविजन तथा साइबर थाना प्रभारी शालिनी बजाज के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक विजेन्द्र सीला और साइबर थाना टीम ने कार्रवाई की।
पुलिस ने राजेश प्रजापत (21), निवासी गली नंबर-2, रामपुरा बस्ती, लालगढ़, थाना मुक्ताप्रसाद, बीकानेर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने साइबर ठगी करने वाले गिरोह के साथ मिलकर ठगी की रकम अपने और अन्य लोगों के बैंक खातों में प्राप्त करने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी के अपने बैंक खाते साइबर ठगी की शिकायतों के चलते फ्रीज होने के बाद उसने कथित तौर पर पैसों का लालच देकर या अन्य तरीकों से लोगों के बैंक खाते हासिल किए और उनका इस्तेमाल ठगी की रकम के लेनदेन के लिए करने लगा।
निवेश फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट के जरिए ठगी
जांच में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी के नेटवर्क में काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार गिरोह अलग-अलग राज्यों में बैठे लोगों को इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट सहित साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों से निशाना बनाता था। ठगी की रकम आरोपी की ओर से उपलब्ध करवाए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी।
पुलिस का आरोप है कि आरोपी केवल अपने स्तर पर बैंक खातों का इस्तेमाल नहीं करता था, बल्कि अन्य साइबर अपराधियों को भी कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध करवाता था। इन खातों में देशभर के लोगों से ठगी गई रकम जमा कराई जाती थी और आगे साइबर अपराधियों तक पहुंचाई जाती थी।
छह बैंक खातों पर 17 साइबर शिकायतें
साइबर थाना पुलिस द्वारा एनसीआरपी पोर्टल पर आरोपी से जुड़े बैंक खातों का विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि छह बैंक खातों के संबंध में देश के अलग-अलग राज्यों से 17 साइबर अपराध संबंधी शिकायतें दर्ज हैं। अब तक की जांच में इन खातों के माध्यम से करीब 30 लाख रुपए के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क, बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले अन्य लोगों और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस ने आमजन को किया सतर्क
बीकानेर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि पैसों के लालच में अपना बैंक खाता, बैंक दस्तावेज, एटीएम कार्ड, सिम या फर्म किसी अन्य व्यक्ति को न दें और न ही किराए पर दें। ऐसे मामलों में खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई की चपेट में आ सकता है।
पुलिस ने यह भी सलाह दी है कि अज्ञात व्हाट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप के कहने पर कोई अनधिकृत ऐप डाउनलोड न करें और शेयर बाजार या निवेश के नाम पर मिलने वाले संदिग्ध लिंक या ऑफर पर भरोसा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी गई है।























