बीकानेर। आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित जांच सेवाएं उपलब्ध कराने तथा क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग के दल ने शनिवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध के नेतृत्व में बीकानेर शहरी क्षेत्र की तीन डायग्नोस्टिक लैब का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण दल में खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीकानेर डॉ. सुनील जैन तथा जिला पीसीपीएनडीटी समन्वयक महेंद्र सिंह चारण शामिल रहे। दल द्वारा एसडीएम जिला अस्पताल एवं पुरानी गजनेर रोड के आसपास स्थित वर्षा लेबोरेट्री एंड डायग्नोस्टिक सेंटर तथा वासु लैब एंड डायग्नोस्टिक सेंटर और भुट्टों के चौराहे के पास स्थित गुड केयर पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण किया गया। पर्यटकोंके घूमने-फ़िरने की जगहें
पंजीकरण एवं दस्तावेजों की हुई गहन जांच
निरीक्षण के दौरान तीनों संस्थानों के पंजीकरण प्रमाण-पत्र, लाइसेंस एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहनता से जांच की गई। जांच में किसी संस्थान का क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण नहीं पाया गया, जबकि एक संस्थान का पंजीकरण समाप्त हो चुका था। इसके अलावा निरीक्षण के दौरान अन्य आवश्यक मानकों से संबंधित कुछ कमियां भी पाई गईं। कमियां पाए जाने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने तीनों लैब संचालकों को तत्काल प्रभाव से जांच सेवाएं बंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवश्यक दस्तावेज एवं निर्धारित प्रोटोकॉल पूर्ण करने के बाद ही जांच सेवाएं पुन: प्रारंभ की जा सकेंगी।
नियमों की पालना तक जारी रहेगी कार्रवाई
डॉ. पुखराज साध ने बताया कि क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत जिलेभर में निरीक्षण एवं कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और उनकी सेहत के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो।
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों की गई कार्रवाई का सकारात्मक प्रभाव भी सामने आया है। अब प्रतिदिन विभिन्न डायग्नोस्टिक लैब एवं जांच केंद्रों द्वारा क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी लैब एवं डायग्नोस्टिक सेंटर संचालकों से निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप पंजीकरण एवं आवश्यक मानकों की पालना सुनिश्चित करने की अपील की।




















