मुरली मनोहर धोरा पर आयोजित चातुर्मास कार्यक्रम के तहत आज भक्तिमय वातावरण में ‘पद रत्नाकर’ गायन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संत रामकृष्ण दास जी महाराज द्वारा श्री राधा जी के जन्म की बधाई के मधुर पदों का गायन किया गया।
चातुर्मास कार्यक्रम में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में सत्संगी व श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सत्संग के दौरान स्वामी रामसुखदास जी महाराज का प्रवचन कैसेट सुनाया गया। अपने प्रवचन में स्वामी जी ने कहा कि मनुष्य जीवन केवल भगवत्प्राप्ति के लिए मिला है, इसलिए इसी जन्म में भक्ति प्राप्त कर बार-बार जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति पा लेनी चाहिए। स्वामी जी ने यह भी बताया कि निरंतर भगवद-स्मृति बनी रहे, इसके लिए भगवान से प्रार्थना करनी चाहिए कि “हे मेरे नाथ! ऐसी कृपा करो कि मैं आपको कभी भूलूं नहीं।”
आगामी कार्यक्रम व सुविधाएं:
पद रत्नाकर गायन: पद रत्नाकर गायन का यह कार्यक्रम आगामी 5 और 6 तारीख तक रहेगा।
रास लीला का मंचन: 9 अगस्त से 13 अगस्त तक वृंदावन की प्रसिद्ध रास मंडली द्वारा भक्तों के चरित्रों पर आधारित रास लीला का मंचन किया जाएगा।
निःशुल्क बस सेवा: सत्संग स्थल तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं हेतु बसों की निःशुल्क व्यवस्था की गई है।
ऑनलाइन लाइव प्रसारण: सत्संग कार्यक्रम को लाइव देखने के लिए ‘Shree Murli Manohar Dhora’ YouTube चैनल पर देखा जा सकता है।






















