बीकानेर। शहर की सदियों पुरानी कोटगेट और सांखला फाटक की समस्या को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राजस्थान उच्च न्यायालय में चल रही जनहित याचिका के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक ने कोर्ट के आदेश पर शपथ पत्र (हलफनामा) दाखिल किया है। रेलवे ने कोर्ट में साफ कर दिया है कि सड़कों की चौड़ाई कम होने के कारण कोटगेट और सांखला फाटक पर ओवरब्रिज बनाना व्यावहारिक नहीं है। साथ ही रेलवे का तर्क है कि यदि रेल बाईपास बन भी जाता है, तब भी शहर के बीच से वर्तमान रेल लाइन पर ट्रेनों का आवागमन जारी रहेगा। हाईकोर्ट में बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) और नगर निगम बीकानेर ने अभी तक अपने जवाब पेश नहीं किए हैं। हाईकोर्ट ने दोनों को 12 अक्टूबर 2026 तक जवाब पेश करने का अंतिम मौका दिया है। मामले की अगली सुनवाई भी 12 अक्टूबर को तय की गई है।
उधर, जन संघर्ष समिति के संयोजक पूर्व विधायक व एडवोकेट आरके दास गुप्ता ने जनता से तथ्य छिपाने आ आरोप रेलवे पर लगाया है। रेलवे के हलफनामे पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे तकनीकी रूप से पूरी तरह दोषपूर्ण बताया है। गुप्ता ने कहा कि समिति रेलवे के इस हलफनामे का कोर्ट में करारा जवाब देगी।




















