बीकानेर । चातुर्मास के तीसरे दिन सोमवार को भीनासर स्थित श्री मुरली मनोहर धोरा पूरी तरह हरिनाम के रंग में रंगा नजर आया। यहां दो माह तक चलने वाले चातुर्मास महोत्सव के अंतर्गत सप्त दिवसीय अखंड महामंत्र संकीर्तन का शुभारंभ हुआ। पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु संकीर्तन में शामिल हुए और 24 घंटे चलने वाले संगीतमय महामंत्र जाप में भाव-विभोर होकर भागीदारी निभाई। पूरा परिसर हरे राम-हरे कृष्ण महामंत्र के निरंतर गूंजते स्वर से भक्तिमय वातावरण में बदल गया। आयोजन समिति के अनुसार सात दिनों तक बिना रुके चलने वाले इस अखंड संकीर्तन में महाराष्ट्र, गोठला, वृंदावन, बरसाना, धौलपुर और बीकानेर की प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियां अपनी प्रस्तुतियां देंगी। भक्ति संगीत, मृदंग और झांझ की मधुर ध्वनि के बीच श्रद्धालु घंटों तक संकीर्तन में लीन होकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर के विभित्र क्षेत्रों से सत्संग स्थल तक आने-जाने के लिए 10 निशुल्क बसों की व्यवस्था की गई है। इससे बड़ी संख्या में परिवार, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा सहज रूप से कार्यक्रम में पहुंचकर हरिनाम संकीर्तन का लाभ ले रहे हैं। भीनासर धोरा से जुड़े श्याम सुंदर महाराज ने बताया कि आयोजन से जुड़े संतों ने कहा कि चातुर्मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों का समय नहीं, बल्कि मन को भगवान से जोड़ने, संयम, साधना और आत्मशुद्धि का पर्व है। निरंतर हरिनाम संकीर्तन से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और समाज में सद्भाव, शांति तथा आध्यात्मिक चेतना का विस्तार होता है।
भक्ति की राहः चातुर्मास में क्यों बढ़ जाता है संकीर्तन का महत्व ?
सनातन परंपरा में चातुर्मास को साधना का सर्वोत्तम काल माना गया है। इस दौरान संत-महात्मा एक स्थान पर रहकर प्रवचन, सत्संग, कथा और संकीर्तन के माध्यम से समाज को धर्म से जोड़ते हैं। अखंड हरिनाम संकीर्तन का उद्देश्य केवल भजन-गायन नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से ईश्वर स्मरण कर मन की शुद्धि और समाज में आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करना भी है।
जानिएः अखंड महामंत्र संकीर्तन क्या है?
अखंड महामंत्र संकीर्तन में निर्धारित अवधि तक बिना किसी विराम के लगातार भगवान के नाम का सामूहिक कीर्तन किया जाता है। इसमें अलग-अलग मंडलियां क्रमवार भाग लेती हैं, जिससे संकीर्तन की अखंड धारा बनी रहती है। वैष्णव परंपरा में इसे कलियुग में ईश्वर प्राप्ति का सरल और प्रभावी साधन माना गया है।























