बीकानेर। भीनासर स्थित गौरक्ष धोरा धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिवस की कथा में कथा वाचक श्री राकेश भाई पारीक ने ध्रुव चरित्र और शिव-पार्वती विवाह की कथा सुनाई। कपिल अवतार ध्रुव चरित्र सृष्टि की रचना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य जीवन बार-बार नहीं मिलता है इसलिए इस कलयुग में दया, धर्म और भगवान के स्मरण से ही सारी योनियों को पार करता है। मनुष्य जीवन का महत्व समझाते हुए भगवान की भक्ति में अधिक से अधिक समय देना चाहिए। उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु ने पांचवां अवतार कपिल मुनि के रुप में लिया। किसी भी काम को करने के लिए मन में विश्वास होना चाहिए तो कभी भी जीवन में असफल नहीं होंगे। कथा श्रवण करने से जन्मों का पाप कट जाता है। ध्रुव चरित्र की कथा के बारे में भक्तों को विस्तार से वर्णन कर बताया। शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग बताते हुए कहा कि, यह पवित्र संस्कार है, लेकिन आधुनिक समय में प्राणी संस्कारों से दूर भाग रहा है। जीव के बिना शरीर निरर्थक होता है, ऐसे ही संस्कारों के बिना जीवन का कोई मूल्य नहीं होता। भक्ति में दिखावा नहीं होना चाहिए। इसके बाद भगवान शिव का विवाह पार्वती के साथ हुआ। कथा में तीसरे दिन दूरदराज से बसों द्वारा बड़ी संख्या में महिला-पुरुष कथा श्रवण करने पहुंचे। भागवत कथा के तीसरे दिन मानव सृष्टि की उत्पत्ति के संबंध में लोगों को बताया गया। यह आयोजन योगी रामनाथ जी महाराज के सानिध्य में लगातार 25 वर्षों से किया जाता है आयोजन से जुड़े प्रवीण भाटी ने बताया कि लगभग 10 रुट से बसों की नि:शुल्क व्यवस्था है। रोजाना 10:30 बजे कथा प्रारंभ हो जाती है और सैकड़ों श्रद्धालु भागवत रसपान के साथ सत्संग का भी आनंद लेते हैं।























