‘सेव’ बिक गया या वार्ड के विकास के लिए लिया फैसला? ट्रोलिंग के बीच खुलकर सामने आए शुभकरण गहलोत
बीकानेर। नगर निगम वार्ड नंबर 44 से निर्दलीय पार्षद चुने गए शुभकरण गहलोत एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। महापौर चुनाव को लेकर भाजपा के समर्थन में नजर आने के बाद उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसके बाद उनके चुनावी वादों और मौजूदा राजनीतिक फैसले को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर खास पहचान रखने वाले शुभकरण गहलोत ने ‘सेव’ चुनाव चिन्ह पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था। उनकी बीकानेरी अंदाज वाली रील्स और चुनावी प्रचार सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए। चुनाव में उन्हें 1,800 वोट मिले और उन्होंने वार्ड 44 से 630 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
चुनाव प्रचार के दौरान शुभकरण के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिनमें वे खुद को किसी राजनीतिक दल के झंडे से अलग रखते हुए जनता के बीच अपनी बात रखते नजर आए थे। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चुनाव प्रचार के दौरान विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने भी फोन पर उन्हें बधाई दी थी।
भाजपा के समर्थन के बाद उठे सवाल
अब महापौर चुनाव के दौरान भाजपा के महापौर प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह शेखावत के समर्थन में शुभकरण गहलोत की तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ यूजर्स उनके पुराने बयानों को याद करते हुए सवाल उठा रहे हैं कि चुनाव के दौरान जो राजनीतिक स्वतंत्रता की बात कही गई थी, क्या मौजूदा फैसला उससे अलग है?
सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा जा रहा है—“सेव बिक गया”, तो कहीं “आजा सेव बिके, म्हारा शुभजी बिके” जैसे कमेंट किए जा रहे हैं।
वहीं, शुभकरण के समर्थन में भी लोग सामने आए हैं। पूर्व पार्षद मुकेश पंवार ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि महापौर चुनाव में वोट देना पार्षद का अधिकार है और निर्दलीय पार्षद को स्वतंत्र रूप से अपना मत देने का अधिकार है। उन्होंने शुभकरण के समर्थन में #Istandwithshubhkaran भी लिखा।
ट्रोलिंग के बीच ऑडियो आया सामने
इस पूरे विवाद के बीच शुभकरण गहलोत से जुड़ा एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो में कथित तौर पर शुभकरण यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि महापौर चुनाव में वोट किसी न किसी प्रत्याशी को देना ही था और भाजपा की ओर से उनके वार्ड में लाइब्रेरी बनाने का वादा किया गया है। इसी आधार पर उन्होंने भाजपा के समर्थन में मतदान करने की बात कही है।
हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इसकी सत्यता की पुष्टि संबंधित व्यक्ति के आधिकारिक बयान से ही मानी जा सकती है।
‘सेव’ की जीत से अब ‘सेव’ पर ही सवाल
वार्ड 44 के चुनाव में ‘सेव’ सिर्फ एक चुनाव चिन्ह नहीं, बल्कि शुभकरण के चुनाव प्रचार की पहचान बन गया था। चुनावी गीत ‘आजा सेव जीते… शुभजी जीते’ भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।
अब वही ‘सेव’ महापौर चुनाव के सियासी समीकरणों के बीच सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
एक तरफ समर्थकों का कहना है कि “वोट तो किसी एक को देना ही था, अगर वार्ड के विकास के लिए लाइब्रेरी का वादा मिला है तो उसका समर्थन करने में गलत क्या है?”
वहीं दूसरी तरफ सवाल उठाने वाले लोग चुनाव से पहले किए गए वादों और मौजूदा फैसले के बीच तुलना कर रहे हैं।
फिलहाल बहस ‘सेव बिक गया’ से ज्यादा इस सवाल पर है कि वार्ड के विकास के लिए लिया गया यह फैसला आने वाले समय में कितना असरदार साबित होता है।




















