बीकानेर. नगर निगम में महापौर पद के चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी जोड़-तोड़ तेज हो गई है। चुनावी समीकरण लगातार बदलते नजर आ रहे हैं और दोनों ही दल अपने-अपने पार्षदों के साथ निर्दलीय पार्षदों को साधने की कोशिश में जुटे हैं। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती पार्षदों को एकजुट रखने और मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग रोकने की बनी हुई है।
कांग्रेस खेमे में क्रॉस वोटिंग की आशंका को लेकर चिंता दिखाई दे रही है। पार्टी नेतृत्व अपने पार्षदों को एकजुट रखने के साथ-साथ उन संभावित समीकरणों पर भी नजर बनाए हुए है, जिनका सीधा असर महापौर चुनाव के परिणाम पर पड़ सकता है। कांग्रेस के सामने चुनौती केवल अपने पार्षदों को साथ रखने की नहीं, बल्कि निर्दलीय और अन्य संभावित समर्थक पार्षदों का समर्थन हासिल करने की भी है।
दूसरी ओर भाजपा खेमे की ओर से लगातार अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के दावे किए जा रहे हैं। भाजपा से महापौर पद के लिए दावेदारी कर रहे सुरेंद्र सिंह शेखावत ने दावा किया है कि कई निर्दलीय प्रत्याशी भी उनके साथ हैं। इसी क्रम में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसके जरिए अपने समर्थन में खड़े पार्षदों को लेकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई।
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इस तस्वीर के सामने आने के बाद नगर निगम की सियासत और गरमा गई है। भाजपा समर्थक इसे अपने पक्ष में बन रहे माहौल के तौर पर देख रहे हैं, जबकि कांग्रेस खेमे की नजर अब इस बात पर है कि तस्वीर में दिखाई दे रहे पार्षद वास्तव में मतदान के समय किसके पक्ष में खड़े होते हैं। क्योंकि महापौर चुनाव में अंतिम फैसला मतदान के दौरान ही स्पष्ट होगा।
बीकानेर की राजनीति में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि ऐसे चुनावों में सीमित अंतर भी पूरे समीकरण को बदल सकता है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही संभावित समर्थकों से संपर्क साधने में जुटी हैं।



















