बीकानेर। शहर के हृदय स्थल कोटगेट और सांखला फाटक पर बनने वाले अंडरपास की डिजाइन में बड़ा बदलाव सामने आया है। लंबे समय से कोटगेट पर सिंगल लेन आरयूबी का कांग्रेस नेताओं और स्थानीय व्यापारियों द्वारा तीव्र विरोध किया जा रहा था। इस जनविरोध का सीधा असर अब प्रोजेक्ट के नए स्वरूप में देखने को मिला है। अब कोटगेट पर डबल लेन (टू-लेन) आरयूबी का निर्माण होगा। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब इस आरयूबी का निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी नहीं बल्कि रेलवे करवाएगा। बुधवार को इस नए प्लान को धरातल पर परखने के लिए रेलवे के एक्सईएन (निर्माण) विजयपाल बाना कोटगेट पहुंचे। इस दौरान उनके साथ नगर निगम के एक्सईएन चिराग गोयल, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन, एईएन सहित अन्य संबंधित विभागों के अभियंता भी मौके पर मौजूद रहे। मौके पर हुई उच्चस्तरीय चर्चा से ये स्पष्ट हुआ कि कोटगेट आरयूबी अब रेलवे बनाएगा। इसकी चौड़ाई पूर्व प्रस्तावित डिजाइन की तुलना में दोगुनी रखी जाएगी ताकि आवागमन सुचारू रहे। इसके साथ ही आम जनता और पैदल यात्रियों की आवाजाही के लिए साइड में पर्याप्त जगह भी दी जाएगी। पीडब्ल्यूडी ने कोटगेट आरयूबी के लिए जो कंक्रीट ब्लॉक्स पहले से तैयार करवाए थे, रेलवे उन्हें अपने निर्माण में इस्तेमाल करेगा या नहीं, इस पर निर्णय होना बाकी है। बीकानेर विकास प्राधिकरण कोटगेट क्षेत्र में कुछ भूमियों /संपत्तियों के एवज में लोगों को मुआवजा राशि बांट चुका है। क्या बीडीए अब इस खर्च की भरपाई रेलवे से करेगा? यह स्थिति भी अभी अस्पष्ट है। टू-लेन आरयूबी बनाने के लिए क्या रेलवे को सड़क की दूसरी तरफ स्थित दुकानें और संपत्तियां भी अधिग्रहीत (अवाप्त) करनी पड़ेंगी? इस सवाल पर रेलवे अधिकारी फिलहाल कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं। इसकी वजह ये है कि ये तो तय हो गया कि यहां निर्माण रेलवे करेगा मगर रेलवे को अभी कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी शेष है इसीलिए रेलवे अभी इस पर कुछ बोल नहीं रहा है। यहां बनने वाले आरयूबी के लिए नगर निगम, बीकानेर विकास प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी समेत वे सभी विभाग एनओसी जारी करेंगे जिनका यहां कुछ ना कुछ हस्तक्षेप है। क्योंकि यहां एक सीवरेज लाइन जा रही है इसलिए नगर निगम की एनओसी जारी होगी। यात्राकी गाइड और यात्रा की जानकारी
प्रोजेक्ट रेलवे के पास जाने के कारण अब मुख्यालय स्तर से कई प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृतियां मिलनी बाकी हैं। माना जा रहा है कि यदि रेलवे कोटगेट पर बेहद तेजी से भी प्रक्रिया आगे बढ़ाता है तो भी मार्च 2027 से पहले धरातल पर काम शुरू होना संभव नहीं लग रहा है। कोटगेट से काम रेलवे के हाथ में जाने के बाद अब पीडब्ल्यूडी ने वहां से अपना साजो-सामान और मशीनरी समेटना शुरू कर दिया है। अब पीडब्ल्यूडी का पूरा फोकस सांखला फाटक पर आरयूबी निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने पर है। सांखला फाटक के लिए कंक्रीट ब्लॉक्स का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है और नाला शिफ्टिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है। पीडब्ल्यूडी ने सांखला फाटक पर रेलवे ट्रैक के नीचे काम करने और ट्रैफिक रोकने (रेल ब्लॉक) के लिए रेलवे प्रशासन को औपचारिक प्रार्थना पत्र सौंपा है। जैसे ही रेलवे से अनुमति (मेगा ब्लॉक) मिलेगी, पीडब्ल्यूडी सांखला फाटक पर सीधे निर्माण कार्य शुरू कर देगा। सांखला फाटक की तर्ज पर अब कोटगेट पर भी टू-लेन आरयूबी बनना शहर के लंबे समय के ट्रैफिक दवाव को देखते हुए बड़ी राहत है लेकिन रेलवे की कागजी स्वीकृतियों और अवाप्ति के अनसुलझे सवालों के बीच जनता को इस सुविधा के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा।























