600 ड्रोन के शो का ढिंढोरा, लेकिन आम जनता के हाथ लगी मायूसी!
समय की स्पष्ट जानकारी नहीं, 5 किलोमीटर तक दिखाई देने के दावे भी फेल? प्रशासन के इंतजामों पर उठे सवाल
बीकानेर। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बीकानेर में 600 ड्रोन के जरिए भारतीय सेना की शौर्य गाथा, ऑपरेशन सिंदूर और राजस्थान की कला-संस्कृति को आसमान में प्रदर्शित करने का ऐलान किया गया था। ड्रोन शो को लेकर बीकानेरवासियों में जबरदस्त उत्साह था और बड़ी संख्या में लोग इसे देखने की उम्मीद लगाए बैठे थे। लेकिन आयोजन के बाद आम जनता के उत्साह पर प्रशासन की व्यवस्थाएं भारी पड़ती नजर आईं।
सबसे बड़ा सवाल ड्रोन शो के समय को लेकर प्रशासन की अस्पष्टता पर खड़ा हुआ। आम लोगों के बीच ऐसा कोई स्पष्ट और व्यापक रूप से उपलब्ध समय नहीं रहा, जिसके आधार पर वे अपनी जगह तय कर सकें और समय पर ड्रोन शो देख सकें। नतीजा यह रहा कि कई लोग आसमान की ओर नजरें टिकाए इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें अपेक्षित नजारा नहीं मिल पाया।
आयोजन से पहले यह बात सामने आई थी कि करीब 600 ड्रोन का शो बड़े क्षेत्र में दिखाई देगा और लगभग 5 किलोमीटर के दायरे तक इसे देखा जा सकेगा। इस जानकारी के बाद शहर के लोगों में खासा उत्साह था। लोगों को उम्मीद थी कि यह बीकानेर के लिए एक बड़ा सार्वजनिक आकर्षण होगा और शहर के अलग-अलग हिस्सों से इसका शानदार नजारा देखने को मिलेगा। लेकिन वास्तविकता में कई आम शहरवासियों को ड्रोन शो का स्पष्ट और पूरा प्रदर्शन देखने को ही नहीं मिला।
ऐसे में प्रशासन से सीधा सवाल है कि जब कार्यक्रम को लेकर आम जनता में इतनी बड़ी उम्मीद पैदा की गई थी, तो उसके समय और आम लोगों के लिए इसे देखने की व्यवस्था को लेकर स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई? अगर यह आयोजन मुख्य रूप से एट होम कार्यक्रम में आमंत्रित लोगों तक ही सीमित था, तो फिर आम जनता के बीच इसे लेकर इतनी व्यापक सूचना क्यों पहुंचाई गई?
एक तरफ प्रशासन 600 ड्रोन के भव्य प्रदर्शन की बात करता है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता के लिए सटीक समय और देखने की सुविधा तक स्पष्ट नहीं हो पाती। इससे पूरे आयोजन की प्लानिंग और पब्लिक कम्युनिकेशन पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
बीकानेर के लोग ऐसे आयोजनों का स्वागत करते हैं और शहर में कुछ नया देखने के लिए उत्साहित भी रहते हैं। लेकिन सिर्फ भव्य घोषणा कर देना पर्याप्त नहीं है, आम जनता तक उस आयोजन का वास्तविक लाभ और अनुभव भी पहुंचना चाहिए।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन आम जनता की इस मायूसी और अव्यवस्था को लेकर जवाब देगा? आखिर 600 ड्रोन का जिस भव्य शो की घोषणा की गई थी, उसका पूरा और स्पष्ट नजारा आम बीकानेरवासियों को क्यों नहीं मिल पाया?
























