बीकानेर। प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनावों को बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। इसी बीच चुनावों को लेकर बड़ी अपडेट सामने आयी है। ऐसे में संकेत मिल रहे है कि सितंबर से नवंबर के बीच चुनाव हो सकते हैं। इसके संकेत हाईकोर्ट में सरकार की ओर से लगाए गए चुनाव टालने के प्रार्थना पत्र में मिलते हैं।
सरकार ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र लगाकर 31 जुलाई तक चुनाव कराने की समय सीमा को बढ़ाने की मांग की है। सरकार ने प्रार्थना पत्र में ओबीसी आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग के साथ हुए पत्राचार की डिटेल देते हुए कोर्ट से चुनाव टालने की मांग की है। सरकार ने कहा कि अभी तक ओबीसी आयोग से राजनीतिक आरक्षण की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। प्रदेश में ओबीसी की जनसंख्या 50 प्रतिशत है। ऐसे में उनके राजनीतिक आरक्षण का निर्धारण किए बिना चुनाव कराना उचित नहीं होगा। इसलिए चुनाव कराने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए।
सरकार ने निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायतीराज विभाग को लिखे पत्र का हवाला देते हुए कहा- राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि सरकार से आरक्षण अनुसार जानकारी मिलने के बाद निर्वाचन आयोग को चुनाव प्रक्रिया पूरी करने में करीब 90 दिन का समय लगेगा। आयोग ने नगरीय निकायों के चुनाव दो चरणों में कराने के लिए 40 दिन और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में कराने के लिए 50 दिन का समय मांगा है। सरकार के इस जवाब से पता चलता है कि अगर सरकार 31 अगस्त तक आरक्षणवार विवरण राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप देती है तो आयोग सितंबर से नवंबर तक पंचायत-निकाय चुनाव करा लेगा।



















