राजस्थान में मानसून सक्रिय होने से अगले 48 घंटे तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। बूंदी में 145 मिमी समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की है। राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। कम दबाव का क्षेत्र मध्यप्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से के ऊपर बना हुआ है और मानसून ट्रफ लाइन बीकानेर से होते हुए कम दबाव वाले क्षेत्र तक गुजर रही है। इसके असर से प्रदेश में अगले 48 घंटे बारिश का दौर तेज रहने की संभावना है। मंगलवार को कोटा, उदयपुर, अजमेर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी और कहीं-कहीं अतिभारी बारिश हुई। वहीं भरतपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी कई जगह मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।
बीते 24 घंटे में भी कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। बूंदी में 145 मिमी, अंता-बारां में 98, नैनवा में 69 और डीडवाना-कुचामन में 73 मिमी बारिश हुई। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों में चित्तौडग़ढ़ के डूंगला में 77, उदयपुर के कुराबाद में 60, डीडवाना-कुचामन के परबतसर में 58 और सवाईमाधोपुर के बामनवास में 50 मिमी बारिश दर्ज हुई। डूंगला में भारी बारिश दर्ज की गई।
मौसम केन्द्र के अनुसार 12 अगस्त को भी जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग में बारिश का दौर जारी रहेगा। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी और एक-दो स्थानों पर अतिभारी बारिश हो सकती है। 13 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगेगी, हालांकि पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 14 अगस्त से जोधपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग में बारिश घटेगी, जबकि 15 अगस्त से उत्तर व उत्तर-पूर्वी राजस्थान को छोडक़र अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पडऩे की संभावना है।
भारी बारिश की चेतावनी के चलते मुख्यमंत्री का दौरा निरस्त
मुख्यमंत्री भजनलाल का बांसवाड़ा में प्रस्तावित दौरा निरस्त हो गया। सीएम की यात्रा को लेकर बनाए गए टेंट, फ्लेक्स और अन्य तैयारियां धरी रह गईं, जिन पर करीब 50 लाख से अधिक रुपए खर्च हुए। सीएम के दौरे को लेकर सोमवार तक प्रशासनिक तैयारियां पूरी थी। पर, भारी बारिश की चेतावनी के अलर्ट के चलते सीएम का कार्यक्रम अंतिम समय में निरस्त हो गया। कार्यक्रम के लिए 5 हजार लोगों की क्षमता के लिए 450 स्क्वायर मीटर का वाटरप्रूफ पंडाल बनाया गया था।साथ ही दो बड़े एसी और पंडाल में करीब 10 से अधिक कूलर लगवाए थे। मंगलवार को सीएम के नहीं आने की सूचना के पुख्ता होने पर टेंट कर्मचारियों ने कुर्सियों को समेटना शुरू कर दिया और पंडाल का मंच भी हटा दिया गया। इधर, बिलोदा ग्राम पंचायत में एक समाज के नोहरे में भी रात्रि चौपाल को लेकर मंच तैयार किया गया था।


















