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Rajasthan Reservation: राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले गरमाया EWS आरक्षण का मुद्दा, राजपूत समुदाय ने कर दी सरकार से ये मांग 

जाने विस्तार से 

 
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Rajasthan Reservation: 2025 के राजस्थान पंचायत चुनावों से पहले, राजपूत समुदाय ने अपनी मांगों को लेकर अपनी सक्रियता तेज़ कर दी है। श्री राजपूत करणी सेना की एक बड़ी बैठक बारां ज़िले में हुई, जहाँ समुदाय ने आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के लिए EWS आरक्षण बढ़ाने की माँग की। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सिंह खिजुरी भी बैठक में मौजूद थे, जिससे साफ़ संकेत मिलता है कि समुदाय सरकार पर अपनी माँगों को पूरा करने के लिए दबाव बनाएगा।

पंचायत चुनावों से पहले माँगों की सूची
पंचायत चुनावों से पहले हुई यह बैठक राजनीतिक दृष्टि से काफ़ी अहम मानी जा रही है। समुदाय ने न सिर्फ़ EWS आरक्षण बढ़ाने की माँग की, बल्कि पंचायत चुनावों में इसे लागू करने का सीधा प्रस्ताव भी रखा। इसका सीधा सा मतलब है कि समुदाय चाहता है कि आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग को ग्रामीण चुनावों सहित अन्य चुनावों में भी प्रतिनिधित्व का अवसर मिले। Rajasthan Reservation

श्री राजपूत करणी सेना के ज़िला अध्यक्ष ऋतुराज सिंह हाड़ा ने बताया कि बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सबसे प्रमुख माँग चुनाव चेतावनी प्रणाली (EWS) आरक्षण को 10% से बढ़ाकर 14% करने की थी। केंद्रीय स्तर पर EWS आरक्षण को सरल बनाने और पंचायत चुनावों में इसे लागू करने पर भी ज़ोर दिया गया।

ये माँगें क्यों महत्वपूर्ण हैं?
पंचायत चुनाव राजस्थान की राजनीति की नींव हैं। ग्रामीण इलाकों में होने वाले ये चुनाव तय करते हैं कि गाँवों में किस पार्टी का दबदबा है। अगर राजपूत समुदाय अपनी माँगों को लेकर एकजुट होता है और पंचायत चुनावों में EWS आरक्षण को मुद्दा बनाता है, तो इसका सीधा असर राजनीतिक दलों पर पड़ेगा। राजस्थान में राजपूत समुदाय वोटों का एक महत्वपूर्ण और प्रभावी स्रोत है। अगर यह समुदाय एकजुट होकर किसी भी पार्टी का विरोध करता है, तो उसे भारी नुकसान हो सकता है। Rajasthan Reservation

पंचायत चुनावों में EWS लागू करने की माँग करके, समाज सीधे तौर पर ग्रामीण मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है। इससे न केवल सरकार पर दबाव बनेगा, बल्कि स्थानीय नेताओं को भी इन माँगों पर ध्यान देना होगा। बैठक में अंता विधानसभा उपचुनावों पर भी चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सिंह खिजुरी ने कहा कि अंता विधानसभा चुनावों में राजपूत समुदाय का प्रतिनिधित्व होना चाहिए। ये माँगें अक्सर बड़े चुनावों से पहले उठती हैं और पंचायत चुनावों से इनका सीधा संबंध देखा जा रहा है।

इतिहास और भविष्य की रणनीति
बैठक में मराठा साम्राज्य के विस्तार के बारे में एनसीईआरटी की किताबों में दर्ज तथ्यों पर भी आपत्ति जताई गई। खिजुरी ने कहा कि राजपूत समाज हमेशा से ही त्याग और बलिदान के लिए जाना जाता रहा है और अब अपनी मांगों को लेकर पूरे राजस्थान में आंदोलन कर रहा है। इससे पता चलता है कि यह कोई साधारण बैठक नहीं, बल्कि एक बड़े आंदोलन की शुरुआत थी, जिसका असर आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों में भी देखने को मिलेगा। बैठक के बाद राजपूत छात्रावास में वृक्षारोपण समारोह आयोजित किया गया। जिला अध्यक्ष ऋतुराज सिंह हाड़ा ने कहा कि अजीत सिंह मथानी और उनकी टीम के प्रयासों से छात्रावास का बड़ा निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है, जो समाज के लिए गर्व की बात है। Rajasthan Reservation